Connect with us

Lifestyle & Well-being

DLF2: ब्रह्माकुमारीज गुरुग्राम में आध्यात्मिक श्रृंखला की तैयारियां जोर-शोर से, 13 सितंबर से विशेष कार्यक्रमों की शुरुआत

Published

on

राजयोगी प्रो. ओंकार चंद जी देंगे तनावमुक्त, सकारात्मक और शक्तिशाली जीवन के व्यावहारिक सूत्र; गुरुग्राम के विभिन्न क्षेत्रों में होंगे प्रेरक सत्र

ब्रह्माकुमारीज राजयोग मेडिटेशन सेंटर्स, गुरुग्राम द्वारा आयोजित विशेष आध्यात्मिक एवं प्रेरक श्रृंखला ‘तनाव से शक्ति की ओर’ की तैयारियां जोर-शोर से, 13 सितंबर से विशेष कार्यक्रमों की शुरुआत

गुरुग्राम, 12 सितंबर 2026:
गुरुग्राम में लोगों को तनाव, चिंता, अधिक सोचने की आदत और भागदौड़ भरी जीवनशैली से बाहर निकालकर शांत, सकारात्मक एवं शक्तिशाली जीवन की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही “Gurugram Spiritual Series – From Stress to Strength” की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इससे पहले इस आयोजन को लेकर गणेश चतुर्थी के अवसर पर विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की जा चुकी है। ब्रह्माकुमारीज राजयोग मेडिटेशन सेंटर्स, गुरुग्राम द्वारा आयोजित इस विशेष आध्यात्मिक एवं प्रेरक श्रृंखला में राजयोगी प्रो. ओंकार चंद जी, माउंट आबू (राजस्थान) विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन देंगे।

कार्यक्रम के आयोजन को लेकर गुरुग्राम के विभिन्न क्षेत्रों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस संबंध में बीके रत्नाकर भाई सहित ब्रह्माकुमारीज के सेवाधारी कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। आयोजकों के अनुसार इन सत्रों का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक बातें करना नहीं, बल्कि वर्तमान व्यस्त जीवन में व्यक्ति को अपने मन, विचारों, संबंधों और भावनाओं को बेहतर ढंग से संभालने के व्यावहारिक उपाय देना है।

13 सितंबर को विशेष कार्यक्रम से होगी शुरुआत

मुख्य श्रृंखला से पहले 13 सितंबर को शाम 5 से 8 बजे तक अनभूति भवन, DLF Phase-2, गुरुग्राम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 14 से 20 सितंबर तक गुरुग्राम के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार प्रेरक सत्र होंगे।

14 सितंबर को “विघ्न विनाशक – शक्ति भीतर की” विषय पर सत्र होगा, जिसमें तनाव और बाधाओं के बीच अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने पर चर्चा होगी। 15 और 16 सितंबर को “खुश रहने की कला” विषय के माध्यम से सुखी जीवन के व्यावहारिक सूत्र साझा किए जाएंगे।

17 सितंबर का सत्र “आंतरिक शक्ति एवं भावनात्मक दृढ़ता” पर केंद्रित रहेगा। 18 सितंबर को “अधिक सोचने की आदत से आंतरिक शांति की ओर” विषय पर सुबह और शाम दो सत्र होंगे।

19 सितंबर को ध्यान को जीवनशैली बनाने, सुखी एवं शांतिपूर्ण जीवन तथा मन को अपना स्वामी बनाकर जीवन में परिवर्तन लाने जैसे विषयों पर कार्यक्रम होंगे। वहीं 20 सितंबर को “खुश रहने की कला”, “हर परिस्थिति में शांति, शक्ति और खुशी” तथा “परमात्मा से जुड़ें, अपने भीतर की शक्ति को पहचानें” जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

‘Busy Life, Peaceful Mind’ पर विशेष सत्र

आज की तेज रफ्तार जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए 20 सितंबर को सेक्टर-51 में “Busy Life, Peaceful Mind” विषय पर विशेष कार्यक्रम रखा गया है। यह सत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी होगा जो व्यस्त दिनचर्या, काम के दबाव और लगातार बदलती परिस्थितियों के बीच मानसिक शांति बनाए रखना चाहते हैं।

राजयोगी प्रो. ओंकार चंद जी वरिष्ठ प्रेरक वक्ता हैं तथा “The World Renewal” Magazine के संपादक हैं। वे अपने सत्रों में आध्यात्मिक दृष्टिकोण को दैनिक जीवन की परिस्थितियों से जोड़कर सरल एवं व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत करते हैं।

ब्रह्माकुमारीज की ओर से गुरुग्रामवासियों से आह्वान किया गया है कि वे अपने परिवार एवं मित्रों के साथ इन कार्यक्रमों में सहभागी बनकर जीवन को अधिक शांत, प्रसन्न और शक्तिशाली बनाने की दिशा में आगे बढ़ें।  सभी कार्यक्रमों में प्रवेश निःशुल्क है, जबकि कुछ विशेष सत्रों के लिए पूर्व पंजीकरण आवश्यक है। गुरुग्राम में आयोजित होने वाली इस विशेष आध्यात्मिक श्रृंखला से संबंधित विस्तृत जानकारी भी पहले साझा की जा चुकी है।

Gurugram Spiritual Series From Stress to Strength featuring Rajyogi Prof Onkar Chand Ji

BK Gurugram Spiritual Series: From Stress to Strength | Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji | September 13–20, 2026

 


Preparations in Full Swing for ‘From Stress to Strength’ Spiritual Series in Gurugram; Special Session to Begin on September 13

Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji to Share Practical Insights on Happiness, Inner Strength, Emotional Resilience and a Peaceful Mind

GURUGRAM, September 12, 2026:
Preparations are in full swing in Gurugram for the “Gurugram Spiritual Series – From Stress to Strength,” a week-long series of inspirational and practical sessions aimed at helping people move from stress and mental pressure towards peace, positivity and inner strength.

Organised by the Brahma Kumaris Rajyoga Meditation Centres, Gurugram, the series will feature Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji from Mount Abu, Rajasthan, Senior Motivational Speaker and Editor of The World Renewal Magazine.

The organising team, including BK Ratnakar Bhai and dedicated Brahma Kumaris volunteers, is working actively on arrangements across different venues in Gurugram. The series has been designed to address contemporary challenges such as stress, overthinking, emotional pressure, relationship concerns and the demands of a busy lifestyle.

Special Programme on September 13

A special programme will be held on September 13 from 5:00 PM to 8:00 PM at Anubhuti Bhawan, DLF Phase-2, Gurugram, ahead of the main series scheduled from September 14 to 20.

The sessions will cover a wide range of practical themes. On September 14, “Vighna Vinashak – The Power Within” will explore the inner strength required to overcome obstacles. The sessions on September 15 and 16 will focus on “The Art of Happy Living,” offering practical perspectives on living a happier and more balanced life.

On September 17, participants will explore “Inner Strength & Emotional Resilience.” September 18 will focus on “Overcoming Overthinking – From Mental Noise to Inner Peace,” with separate morning and evening sessions.

September 19 will feature programmes on making meditation a lifestyle, meditation for a happy and peaceful life, and mastering the mind to transform life.

The final day, September 20, will bring together sessions on The Art of Happy Living, Peace-Power-Happiness in Every Situation, and Connecting with the Divine to Discover the Power Within.

Special Focus on ‘Busy Life, Peaceful Mind’

One of the key highlights will be the special session on September 20 at Sector-51, Gurugram, based on the theme “Busy Life, Peaceful Mind.” The session is particularly relevant in today’s fast-paced environment, where maintaining mental calm while managing professional, personal and social responsibilities has become a major challenge.

Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji brings extensive experience in motivational and spiritual communication, presenting practical insights that connect spiritual understanding with everyday life.

The organisers have invited residents of Gurugram to participate with their families and friends and benefit from the series. Entry is free, while prior registration is required for selected programmes.


📅 Programme Information

Date Time Topic Venue
13 Sept 5:00–8:00 PM Special Spiritual Session Anubhuti Bhawan, DLF Phase-2
14 Sept 6:00–8:00 PM विघ्न विनाशक – शक्ति भीतर की Angel House, Sector-57
15 Sept 6:00–8:00 PM खुश रहने की कला DLF-1, Silver Oaks Apartment
16 Sept 6:00–8:00 PM खुश रहने की कला Sector-56
17 Sept 6:00–8:00 PM आंतरिक शक्ति एवं भावनात्मक दृढ़ता Sushant Lok-1 (C-Block)
18 Sept 11:00 AM–1:00 PM अधिक सोचने की आदत से आंतरिक शांति की ओर The Camellias – Hobby Studio
18 Sept 6:00–8:00 PM अधिक सोचने की आदत से आंतरिक शांति की ओर DLF-1, F-3/5 Community Centre
19 Sept 7:30–9:00 AM ध्यान को जीवनशैली बनाएं Ardee City
19 Sept 11:00 AM–1:00 PM सुखी एवं शांतिपूर्ण जीवन के लिए ध्यान Sector-55
19 Sept 6:00–8:00 PM मन के स्वामी बनें, जीवन बदलें Anubhuti Bhawan
20 Sept 7:30–9:30 AM खुश रहने की कला Sector-51
20 Sept 11:30 AM–1:30 PM हर परिस्थिति में शांति, शक्ति और खुशी DLF-5, Exclusive Floor
20 Sept 6:00–8:00 PM परमात्मा से जुड़ें, अपने भीतर की शक्ति को पहचानें Anubhuti Bhawan

 

 

Gurugram Centre Activities

Two-Day Spiritual Series at Brahma Kumaris DLF Phase 2 Gurugram

Published

on

आत्मिक शक्ति और राजयोग से ही संभव है मन का संतुलन: ब्रह्माकुमारीज़

अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में दो-दिवसीय आध्यात्मिक सत्र संपन्न; डीआरडीओ के अपर निदेशक कैप्टन शिव सिंह रहे मुख्य अतिथि, बीके कुसुम व बीके रत्नाकर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया स्वागत

गुरुग्राम, 21 सितंबर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के डीएलएफ फेज-2 स्थित अनुभूति भवन राजयोग ध्यान केंद्र पर दो-दिवसीय विशेष आध्यात्मिक प्रेरणा श्रृंखला “मन की उलझनों से आत्मिक शक्ति तक” (From Inner Chaos to Inner Power) गरिमामय ढंग से संपन्न हुई। इस दो-दिवसीय शिविर में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, वरिष्ठ साधकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर आत्मिक शांति और मनोबल का अनुभव किया। इससे पूर्व डीएलएफ फेज-5 सेक्टर-53 सेवाकेंद्र पर हर परिस्थिति में शांति और खुशी पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया था, जिसकी निरंतरता में अनुभूति भवन में यह दो-दिवसीय सत्र आयोजित हुआ।

कार्यक्रम के शुभ अवसर पर भारतीय नौसेना में अपनी शानदार सेवाएं दे चुके तथा वर्तमान में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) मुख्यालय, दिल्ली में अपर निदेशक (Additional Director) के पद पर कार्यरत कैप्टन शिव सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्र प्रभारी बीके कुसुम एवं बीके रत्नाकर ने मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि कैप्टन शिव सिंह को मनमोहक पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया।

पहले दिन के मुख्य सत्र में माउंट आबू से पधारे अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने “मन बदले तो जीवन बदले” विषय पर सभागार को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि जब तक मन में सकारात्मक विचारों का संचार नहीं होता, तब तक जीवन की उलझनें समाप्त नहीं हो सकतीं। उन्होंने सिकंदर का ऐतिहासिक दृष्टांत देते हुए समझाया कि संसार की सभी भौतिक संपदाएं यहीं छूट जाती हैं, केवल हमारे श्रेष्ठ कर्म और आत्मिक शक्ति ही साथ जाते हैं। प्रो. ओंकार चंद जी ने सभी उपस्थित साधकों से हाथों की विशेष आसन प्रणाली और तालियों के माध्यम से एक रोचक गतिविधि कराई, जिसमें सभी ने आनंद और नई ऊर्जा का संचार महसूस किया।

दूसरे दिन के सत्र में राजयोगी बीके रत्नाकर जी ने “परमात्मा से संबंध से शक्ति, सुख और श्रेष्ठ जीवन” विषय पर विस्तृत मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान भागदौड़ भरी दिनचर्या में सुबह के समय व्यर्थ भाग-दौड़ और चिंताओं के कारण हमारे मन की आत्मिक ऊर्जा क्षीण हो जाती है। उन्होंने आह्वान किया कि यदि व्यक्ति दिन में दो-दो मिनट के लिए मन को शांत करे और नियमित रूप से केंद्र पर आकर ध्यान का अभ्यास करे, तो मात्र एक माह के भीतर उसके जीवन में आश्चर्यजनक सकारात्मक बदलाव आ सकता है। बीके रत्नाकर जी ने आगे स्पष्ट किया कि शरीर पांच तत्वों से बना विनाशी है, जबकि भृकुटि के मध्य में विराजमान आत्मा अनंत शक्तियों से युक्त एक चेतन ज्योति है। जब यह आत्मा परमात्मा शिव बाबा रूपी परम शक्ति से अपना तार जोड़ती है, तब परमपिता से शांति, प्रेम और शक्तियों का स्वतः प्रवाह आत्मा में होने लगता है।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में लाल प्रकाश की दिव्य आभा के बीच बीके रत्नाकर जी ने सभी को आत्मिक स्थिति में स्थित होकर परम-शांति और ईश्वरीय शक्तियों की अनुभूति का गहरा राजयोग अभ्यास कराया। समापन पर सभी गणमान्य अतिथियों एवं उपस्थित जनों को पावन टोली एवं ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया।

Photo collage of Brahma Kumaris DLF Phase 2 event showing Prof Onkar Chand Ji Captain Shiv Singh BK Kusum BK Ratnakar and devotees meditating

अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में दो-दिवसीय आध्यात्मिक सत्र के मुख्य दृश्यों का समग्र फोटो कोलाज।

Inner Harmony Achieved Through Soul Consciousness and Rajyoga: Brahma Kumaris DLF Phase-2

GURUGRAM, September 21: Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya successfully hosted a two-day spiritual empowerment series titled ‘From Inner Chaos to Inner Power’ at Anubhuti Bhawan, DLF Phase-2, Gurugram.

Captain Shiv Singh, former Indian Navy officer and currently Additional Director at DRDO Headquarters, Delhi, graced the event as the Chief Guest. Centre Incharge BK Kusum and BK Ratnakar warmly welcomed the speaker and guests with fresh floral bouquets.

On the first day, international speaker Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji from Mount Abu addressed the theme ‘Change Mind, Change Life’, citing the historical anecdote of Alexander to emphasize that true wealth lies in pure karma and spiritual resilience. On the second day, Rajyogi BK Ratnakar elaborated on spiritual energy restoration by pausing for two minutes daily and connecting with the Supreme Power. The retreat concluded with deep guided Rajyoga meditation under divine red light and prasad distribution.

Photo collage of six Hindi newspaper clippings covering Brahma Kumaris Anubhuti Bhawan DLF Phase 2 Gurugram two-day spiritual session with Prof Onkar Chand Ji and Captain Shiv Singh

अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में आयोजित दो-दिवसीय आध्यात्मिक सत्र ‘मन की उलझनों से आत्मिक शक्ति तक’ की 6 प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित कवरेज का समग्र फोटो कोलाज।

ब्रह्माकुमारी संस्थान के आधिकारिक समाचार माध्यमों पर प्रकाशित विस्तृत रिपोर्ट नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ें:

  • Madhuban News:

    मधुबन न्यूज: अनुभूति भवन डीएलएफ फेज-2 गुरुग्राम में दो-दिवसीय विशेष सत्र — मन की उलझनों से आत्मिक शक्ति तक

  • Peace News:

    पीस न्यूज: Two-Day Spiritual Series at Brahma Kumaris Anubhuti Bhawan DLF Phase 2 Gurugram

संपूर्ण कार्यक्रम वीडियो (Full Program Video)

अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में आयोजित दो-दिवसीय आध्यात्मिक सत्र — प्रथम दिवस
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में आयोजित विशेष प्रेरणा सत्र “मन की उलझनों से आत्मिक शक्ति तक” (Inner Chaos to Inner Power – Day 01) का संपूर्ण वीडियो नीचे देखें, जिसमें अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने मन को शांत, स्थिर और शक्तिशाली बनाने के व्यावहारिक सूत्र साझा किए हैं:

Continue Reading

Gurugram Centre Activities

Peace Power Happiness Session at Brahma Kumaris DLF Phase 5 Gurugram

Published

on

Invitation banner of Peace Power Happiness in Every Situation talk by Prof Onkar Chand at Brahma Kumaris DLF Phase 5 Gurugram

ईर्ष्या और तुलना को त्यागकर ही जीवन में संभव है सच्ची शांति, शक्ति और प्रसन्नता: प्रो. ओंकार चंद

डीएलएफ फेज-5 (सेक्टर- 53, गुरुग्राम) में ‘हर परिस्थिति में शांति, शक्ति और खुशी’ पर विशेष सत्र संपन्न; बीके रेनू व बीके रितु ने किया पुष्प अभिनंदन, डीआरडीओ के अपर निदेशक कैप्टन शिव सिंह रहे उपस्थित

गुरुग्राम, 21 सितंबर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा शहरभर में संचालित आध्यात्मिक प्रेरणा अभियान के अंतर्गत रविवार को डीएलएफ फेज-5 (एक्सक्लूसिव फ्लोर, डी-14/10, लांसर स्कूल के पास, सेक्टर- 53, गुरुग्राम) स्थित राजयोग ध्यान केंद्र पर “पीस, पावर, हैप्पीनेस इन एवरी सिचुएशन” (हर परिस्थिति में शांति, शक्ति और खुशी) विषय पर एक विशेष सत्र का सफल आयोजन संपन्न हुआ. इस अवसर पर क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, वरिष्ठ अधिकारियों, स्थानीय परिवारों और साधकों ने भाग लिया. इससे पूर्व सेक्टर-55 सेवाकेंद्र पर खुशहाल और शांत जीवन के लिए ध्यान पर विशेष सत्र आयोजित किया गया था, जिसकी अगली कड़ी के रूप में यह सत्र आयोजित हुआ |

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माउंट आबू (राजस्थान) से पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रेरक वक्ता एवं ‘द वर्ल्ड रिन्यूअल’ पत्रिका के संपादक राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी रहे. कार्यक्रम के शुभारंभ पर सेवाकेंद्र की बीके रेनू बहन एवं बीके रितु बहन ने मुख्य वक्ता प्रोफेसर ओंकार चंद जी तथा विशिष्ट अतिथि कैप्टन शिव सिंह जी का ताजे सुगंधित पुष्पों का गुच्छा सादर भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया | इस अवसर पर भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी एवं वर्तमान में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) मुख्यालय नई दिल्ली में अपर निदेशक पद पर कार्यरत कैप्टन शिव सिंह जी विशेष रूप से उपस्थित रहे |

सभागार को संबोधित करते हुए प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने मानवीय स्वभाव की वर्तमान विडंबना पर प्रकाश डाला | उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य दूसरों की प्रगति और सुख-सुविधाओं को देखकर प्रसन्न होने के बजाय ईर्ष्या, व्यर्थ चिंतन और तुलना की आग में जलने लगता है | एक रोचक सामाजिक दृष्टांत साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जब पड़ोसी बड़ी कार लेकर आता है, तो लोग भोजन का आनंद छोड़कर इसी बात पर विमर्श करने लगते हैं कि वह कार कहां से लाया | इसके विपरीत, जब किसी को संकट या कानूनी उलझन में देखते हैं, तब झूठी तसल्ली पाते हैं | यह संकीर्ण मानसिकता अंतर्मन की सारी शांति और खुशी को समाप्त कर देती है |

प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने प्राचीन ग्राम्य संस्कृति का स्मरण कराते हुए कहा कि पहले लोग दूसरों की उन्नति को भी अपनी ही खुशी मानते थे | यदि गांव का कोई भी बच्चा डॉक्टर बनता था, तो सभी गर्व और हर्ष का अनुभव करते थे | उन्होंने उपस्थित साधकों को प्रेरित किया कि जब हम दूसरों की सफलता में निस्वार्थ भाव से खुश होना शुरू करते हैं, तभी हमारे जीवन में सच्ची आंतरिक शांति, आत्मिक शक्ति और ईश्वरीय आनंद का स्थायी संचार होता है |

सत्र के समापन पर प्रोफेसर ओंकार चंद जी के पावन सानिध्य में सभी उपस्थित साधकों ने सामूहिक राजयोग ध्यान का गहन अभ्यास किया | ध्यान के प्रकंपनों से संपूर्ण सभागार दिव्य शांति से भर उठा | अंत में सभी उपस्थित जनों को आत्म-संतुष्टता के पावन संकल्प के साथ ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया |

Photo collage of Brahma Kumaris DLF Phase 5 Sector 53 event showing Prof Onkar Chand Ji Captain Shiv Singh BK Renu BK Ritu and devotees

डीएलएफ फेज-5 (सेक्टर- 53) में ‘हर परिस्थिति में शांति, शक्ति और खुशी’ सत्र का समग्र फोटो कोलाज.

Overcome Comparison and Envy to Experience True Peace and Power: Prof. Onkar Chand Ji

GURUGRAM, September 21: Under the ongoing spiritual enlightenment drive across Gurugram, Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya organized a special spiritual talk titled ‘Peace, Power, Happiness in Every Situation’ at DLF Phase-5 (Sector- 53), Gurugram.

Keynote speaker Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji, Editor of The World Renewal magazine from Mount Abu, was warmly welcomed with floral bouquets presented jointly by BK Renu and BK Ritu. Distinguished guest Captain Shiv Singh, former Indian Navy officer and currently Additional Director at DRDO Headquarters, Delhi, was also felicitated.

Addressing the gathering, Prof. Onkar Chand Ji stated that chronic comparison and jealousy rob individuals of mental peace . He cited practical everyday examples, noting how true joy lies in celebrating others’ accomplishments rather than being consumed by envy . He emphasized that Rajyoga meditation empowers the mind to remain stable, benevolent, and happy across all external circumstances. The program concluded with collective silent meditation and prasad distribution.

 

संस्थान के प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पोर्टल्स पर कवरेज

ब्रह्माकुमारी संस्थान के आधिकारिक समाचार माध्यमों पर प्रकाशित विस्तृत रिपोर्ट नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ें:

गुरुग्राम आध्यात्मिक यात्रा: संपूर्ण कार्यक्रम वीडियो प्लेलिस्ट

13 से 20 सितंबर के दौरान गुरुग्राम के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित प्रवचनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समाचार बुलेटिनों को एक साथ देखने के लिए नीचे दी गई यूट्यूब प्लेलिस्ट देखें:

Continue Reading

Gurugram Centre Activities

Busy Life Peaceful Mind Session at Brahma Kumaris Sector 51 Gurugram

Published

on

मेफील्ड गार्डन (सेक्टर-51, गुरुग्राम) में ‘व्यस्त जीवन, शांत मन’ विषय पर विशेष व्याख्यान संपन्न; प्रशासनिक व सामाजिक प्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

व्यस्त दिनचर्या में भी मन को शांत रखना संभव, आत्म-संवाद और राजयोग ही सच्ची शक्ति: प्रो. ओंकार चंद

गुरुग्राम, 20 सितंबर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा संचालित आध्यात्मिक प्रेरणा श्रृंखला के अंतर्गत शनिवार की शाम मेफील्ड गार्डन (सेक्टर-51, गुरुग्राम) स्थित राजयोग ध्यान केंद्र पर “व्यस्त जीवन, शांत मन” (Busy Life, Peaceful Mind) विषय पर एक अत्यंत प्रेरणादायी सत्र का सफल आयोजन संपन्न हुआ। इस सत्र में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय परिवारों ने भाग लिया। इससे पूर्व आर्डी सिटी (सेक्टर-52, गुरुग्राम) में ‘ध्यान को बनाएं जीवनशैली पर विशेष सत्र आयोजित किया गया था, जिसकी निरंतरता में मेफील्ड गार्डन केंद्र पर यह आयोजन हुआ।

सत्र के मुख्य वक्ता माउंट आबू (राजस्थान) से पधारे अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता एवं पत्रिका के संपादक राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ कुमारी दिव्या द्वारा प्रस्तुत सुमधुर आध्यात्मिक स्वागत गीत से हुआ। इसके उपरांत केंद्र प्रभारी बीके अंजलि बहन ने मुख्य वक्ता प्रोफेसर ओंकार चंद जी और मंचासीन विशिष्ट अतिथियों का हरित पौधा भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया।

इस अवसर पर भारत सरकार के पूर्व सहायक आयुक्त एवं भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण चंद्र वशिष्ठ, भाजपा नेत्री व समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता अलका दलाल तथा भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी एवं वर्तमान में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) मुख्यालय नई दिल्ली में अपर निदेशक पद पर सेवारत कैप्टन शिव सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

Photo collage of Brahma Kumaris Mayfield Garden Sector 51 event showing Prof Onkar Chand Ji BK Anjali Praveen Chandra Vashishth Alka Dalal and Captain Shiv Singh

मेफील्ड गार्डन (सेक्टर-51) स्थित केंद्र में आयोजित ‘व्यस्त जीवन, शांत मन’ सत्र के मुख्य दृश्यों का फोटो कोलाज।

सभागार को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने कहा कि आधुनिक जीवन में व्यस्तता स्वयं कोई समस्या नहीं है, बल्कि अनियंत्रित विचार और व्यर्थ की चिंताएं ही तनाव का मूल कारण हैं। मन की शांति किसी बाहरी स्थिति या वातावरण की मोहताज नहीं होती, बल्कि यह हमारे अपने दृष्टिकोण और सकारात्मक सोच पर निर्भर करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार एक कुशल चालक भीड़भाड़ और यातायात के दबाव के बीच भी वाहन का संतुलन बनाए रखता है, ठीक उसी प्रकार राजयोग ध्यान के नियमित अभ्यास से व्यक्ति अति-व्यस्त दिनचर्या के बीच भी अपने अंतर्मन को पूर्णतः शांत और स्थिर रख सकता है।

कार्यक्रम के दौरान कुमारी दामिनी ने एक अत्यंत ऊर्जावान प्रेरक गीत प्रस्तुत किया और विचार-प्रबंधन पर आधारित एक व्यावहारिक गतिविधि कराई, जिसमें उपस्थित सभी साधकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इस गतिविधि के माध्यम से सभी ने नकारात्मक विचारों को त्यागने और हर हाल में मुस्कराते रहने का संकल्प लिया।

सत्र के समापन पर प्रोफेसर ओंकार चंद जी के सानिध्य में सभी उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक राजयोग ध्यान का गहन अभ्यास किया, जिससे संपूर्ण वातावरण असीम शांति और दिव्यता से भर उठा। अंत में सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को आत्म-शांति के संकल्प के साथ पावन ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया।

संस्थान के प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पोर्टल्स पर कवरेज

ब्रह्माकुमारी संस्थान के आधिकारिक समाचार माध्यमों पर प्रकाशित विस्तृत रिपोर्ट नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ें:

Newspaper clipping of Brahma Kumaris Sector 51 Gurugram spiritual session on Busy Life Peaceful Mind with Prof Onkar Chand

Media coverage of the spiritual session “Busy Life, Peaceful Mind” organized by Brahma Kumaris at Mayfield Garden, Sector 51, Gurugram.

Peace of Mind is Achievable Amidst a Busy Routine Through Rajyoga: Prof. Onkar Chand Ji

GURUGRAM, September 20: Under the citywide spiritual enlightenment series, Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya organized a special discourse on ‘Busy Life, Peaceful Mind’ at Mayfield Garden, Sector-51, Gurugram.

Keynote speaker Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji, Editor from Mount Abu, was warmly felicitated by Centre Incharge BK Anjali Sister. The session commenced with a soulful welcome song rendered by Sister Divya. Distinguished guests included Praveen Chandra Vashishth (Former Assistant Commissioner, Govt. of India & BJP Executive Member), Alka Dalal (Social Worker, BJP), and Captain Shiv Singh (Former Indian Navy Officer & Additional Director, DRDO HQ, Delhi).

In his address, Prof. Onkar Chand Ji explained that external busyness does not disturb inner peace if thought traffic is consciously managed through Rajyoga meditation. Sister Damini conducted an engaging motivational song and interactive mind-management activity. The program concluded with collective guided meditation and prasad distribution.

Continue Reading

Brahma Kumaris Gurgaon