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BK57: जीवन में आने वाली समस्याएं हमारी आंतरिक शक्ति की पहचान: प्रो. ओंकार चंद
गणेश चतुर्थी पर सेक्टर-57 एंजल हाउस में ‘विघ्न विनाशक – आंतरिक शक्तियां’ विषय पर प्रेरक सत्र संपन्न; भगवान गणेश की स्थापना, स्तुति और सामूहिक संकल्प के साथ श्रद्धालुओं ने सीखी विघ्नों को वरदान बनाने की कला
गुरुग्राम, । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सेक्टर-57, सुशांत लोक-2 स्थित एंजल हाउस सेवाकेंद्र में गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर को एक विशेष आध्यात्मिक प्रेरणा सत्र का सफल आयोजन संपन्न हुआ। “विघ्न विनाशक – आंतरिक शक्तियां” विषय पर आधारित इस आयोजन में शहर के अनेक परिवारों, प्रबुद्ध नागरिकों और साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस विशेष सत्र का मूल उद्देश्य गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर दैनिक जीवन के मानसिक तनाव, पारिवारिक व कार्यक्षेत्र की चुनौतियों और अनपेक्षित विघ्नों को आध्यात्मिक शक्ति और सकारात्मक दृष्टिकोण द्वारा पार करने की कला सिखाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत भव्य और नयनाभिराम रूप से सजाई गई श्री गणेश प्रतिमा की स्थापना तथा विधि-विधान से संपन्न सामूहिक गणेश स्तुति व आरती के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन और पुष्पवर्षा के बीच कुमारी साक्षी ने सुमधुर स्वर में आध्यात्मिक भजन व स्वागत गीत प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को दिव्यता और भक्तिभाव से भर दिया। इसके उपरांत केंद्र प्रभारी बीके सोनी दीदी ने माउंट आबू (राजस्थान) से पधारे मुख्य वक्ता, अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता एवं ‘द वर्ल्ड रिन्यूअल’ पत्रिका के संपादक राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी का पुष्पगुच्छ भेंट कर भावभीना स्वागत किया।
सभागार को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने जीवन में आने वाली बाधाओं और चुनौतियों का गहरा मनोवैज्ञानिक तथा आध्यात्मिक विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने खेल जगत का एक सुंदर और व्यावहारिक उदाहरण देते हुए कहा कि कुश्ती अथवा मुक्केबाजी के खेल में सत्तर किलोग्राम भार वर्ग के पहलवान के सामने रिंग में बराबर के सशक्त खिलाड़ी को ही उतारा जाता है, किसी कमज़ोर को नहीं। ठीक इसी नियम के अनुसार जब जीवन की राह में कोई विकट समस्या, संकट या बड़ी चुनौती सामने आती है, तो यह स्पष्ट समझ लेना चाहिए कि ऊपर वाला हमें उस चुनौती से मुकाबला करने और उस पर विजय पाने के सर्वथा योग्य और सामर्थ्यवान समझता है।

सेक्टर-57 स्थित एंजल हाउस में गणेश चतुर्थी पर आयोजित ‘विघ्न विनाशक – आंतरिक शक्तियां’ कार्यक्रम का समग्र फोटो कोलाज।
प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने आगे कहा कि जब भी कोई प्रतिकूल परिस्थिति आती है, तो आम तौर पर व्यक्ति विचलित होकर यह प्रश्न करने लगता है कि ‘मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ?’। उन्होंने समझाया कि ईश्वर जिसे अपनी रहमतों का बड़ा खजाना देना चाहता है, वह उसी की पात्रता परखने के लिए कड़ी परीक्षा भी लेता है ताकि उसकी अंतर्निहित सुप्त शक्तियां जागृत हो सकें। विघ्न वास्तव में मनुष्य को गिराने नहीं, बल्कि उसकी लगन, धैर्य और आत्मबल को बढ़ाने आते हैं। इसलिए जीवन की किसी भी समस्या से भयभीत होने के बजाय मुस्कुराकर और स्वागत के भाव से उसका सामना करना चाहिए। जब व्यक्ति परमात्मा से आंतरिक शक्ति जोड़कर जीवन के मैदान में उतरता है, तो पहाड़ जैसी दिखने वाली बाधा भी स्वतः समाप्त हो जाती है।
सत्र के दौरान केंद्र प्रभारी बीके सोनी दीदी ने उपस्थित जनसमूह को दोनों हाथ ऊपर उठवाकर जीवन में सदा निर्विघ्न रहने, हर परिस्थिति में मुस्कुराते हुए शांत रहने और स्वयं को सदा परमात्मा की छत्रछाया में सुरक्षित अनुभव करने का दृढ़ संकल्प कराया। उपस्थित सभी भाई-बहनों ने एक स्वर में निर्विघ्न जीवन जीने और श्रेष्ठ कर्मों के लिए अपनी आत्मा को शाबाशी देने का अभ्यास किया। इसके उपरांत प्रोफेसर ओंकार चंद जी के सान्निध्य में सामूहिक राजयोग ध्यान कराया गया, जिससे संपूर्ण परिसर शांति, पवित्रता और सकारात्मक तरंगों से ओतप्रोत हो उठा।
इस अवसर पर बीके किरण बहन, बीके रीतू बहन सहित बड़ी संख्या में संस्था के समर्पित सदस्य और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भगवान श्री गणेश का पावन भोग एवं ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम का संपूर्ण वीडियो (यूट्यूब प्रसारण)
सेक्टर-57 एंजल हाउस में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर आयोजित विशेष प्रेरणा सत्र का संपूर्ण वीडियो नीचे देखें, जिसमें राजयोगी प्रो. ओंकार चंद जी का विस्तृत उद्बोधन, श्री गणेश स्थापना व आरती तथा सामूहिक संकल्प सम्मिलित है:
Life’s Obstacles Are Opportunities to Awaken Inner Strength: Prof. Onkar Chand Ji
GURUGRAM : On the auspicious occasion of Ganesh Chaturthi, a special spiritual empowerment session titled ‘Vighna Vinashak – The Power Within’ was organized on September 15 at Angel House, Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya, Sector-57 (Sushant Lok-2, Gurugram). The program drew a large number of local residents, professionals, and families seeking practical wisdom to overcome mental stress and life challenges.
The event commenced with the ceremonial installation and traditional aarti of Lord Ganesha, followed by a devotional song presented by Kumari Sakshi. Centre Incharge BK Soni Didi extended a floral welcome to the keynote speaker, Rajyogi Professor Onkar Chand Ji, international motivational speaker and Editor of The World Renewal magazine from Mount Abu, Rajasthan.
In his address, Prof. Onkar Chand Ji explained that challenges do not come to defeat us, but rather to reveal our latent capabilities. Drawing an analogy with sports, he remarked that a wrestler is always matched against an opponent of equal caliber; likewise, major hurdles indicate that God considers us capable of conquering them. He urged people to discard the despondent mindset of “Why Me?” and instead greet problems with confidence and smile. BK Soni Didi subsequently led the audience through a collective pledge, inspiring all attendees to raise their hands and commit to remaining peaceful, resilient, and obstacle-free. BK Kiran and BK Reetu were present alongside other dedicated coordinators. The session concluded with guided meditation and the distribution of blessed prasad.
Gurugram Centre Activities
Two-Day Spiritual Series at Brahma Kumaris DLF Phase 2 Gurugram
आत्मिक शक्ति और राजयोग से ही संभव है मन का संतुलन: ब्रह्माकुमारीज़
अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में दो-दिवसीय आध्यात्मिक सत्र संपन्न; डीआरडीओ के अपर निदेशक कैप्टन शिव सिंह रहे मुख्य अतिथि, बीके कुसुम व बीके रत्नाकर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया स्वागत
गुरुग्राम, 21 सितंबर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के डीएलएफ फेज-2 स्थित अनुभूति भवन राजयोग ध्यान केंद्र पर दो-दिवसीय विशेष आध्यात्मिक प्रेरणा श्रृंखला “मन की उलझनों से आत्मिक शक्ति तक” (From Inner Chaos to Inner Power) गरिमामय ढंग से संपन्न हुई। इस दो-दिवसीय शिविर में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, वरिष्ठ साधकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर आत्मिक शांति और मनोबल का अनुभव किया। इससे पूर्व डीएलएफ फेज-5 सेक्टर-53 सेवाकेंद्र पर हर परिस्थिति में शांति और खुशी पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया था, जिसकी निरंतरता में अनुभूति भवन में यह दो-दिवसीय सत्र आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के शुभ अवसर पर भारतीय नौसेना में अपनी शानदार सेवाएं दे चुके तथा वर्तमान में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) मुख्यालय, दिल्ली में अपर निदेशक (Additional Director) के पद पर कार्यरत कैप्टन शिव सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्र प्रभारी बीके कुसुम एवं बीके रत्नाकर ने मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि कैप्टन शिव सिंह को मनमोहक पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया।
पहले दिन के मुख्य सत्र में माउंट आबू से पधारे अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने “मन बदले तो जीवन बदले” विषय पर सभागार को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि जब तक मन में सकारात्मक विचारों का संचार नहीं होता, तब तक जीवन की उलझनें समाप्त नहीं हो सकतीं। उन्होंने सिकंदर का ऐतिहासिक दृष्टांत देते हुए समझाया कि संसार की सभी भौतिक संपदाएं यहीं छूट जाती हैं, केवल हमारे श्रेष्ठ कर्म और आत्मिक शक्ति ही साथ जाते हैं। प्रो. ओंकार चंद जी ने सभी उपस्थित साधकों से हाथों की विशेष आसन प्रणाली और तालियों के माध्यम से एक रोचक गतिविधि कराई, जिसमें सभी ने आनंद और नई ऊर्जा का संचार महसूस किया।
दूसरे दिन के सत्र में राजयोगी बीके रत्नाकर जी ने “परमात्मा से संबंध से शक्ति, सुख और श्रेष्ठ जीवन” विषय पर विस्तृत मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान भागदौड़ भरी दिनचर्या में सुबह के समय व्यर्थ भाग-दौड़ और चिंताओं के कारण हमारे मन की आत्मिक ऊर्जा क्षीण हो जाती है। उन्होंने आह्वान किया कि यदि व्यक्ति दिन में दो-दो मिनट के लिए मन को शांत करे और नियमित रूप से केंद्र पर आकर ध्यान का अभ्यास करे, तो मात्र एक माह के भीतर उसके जीवन में आश्चर्यजनक सकारात्मक बदलाव आ सकता है। बीके रत्नाकर जी ने आगे स्पष्ट किया कि शरीर पांच तत्वों से बना विनाशी है, जबकि भृकुटि के मध्य में विराजमान आत्मा अनंत शक्तियों से युक्त एक चेतन ज्योति है। जब यह आत्मा परमात्मा शिव बाबा रूपी परम शक्ति से अपना तार जोड़ती है, तब परमपिता से शांति, प्रेम और शक्तियों का स्वतः प्रवाह आत्मा में होने लगता है।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में लाल प्रकाश की दिव्य आभा के बीच बीके रत्नाकर जी ने सभी को आत्मिक स्थिति में स्थित होकर परम-शांति और ईश्वरीय शक्तियों की अनुभूति का गहरा राजयोग अभ्यास कराया। समापन पर सभी गणमान्य अतिथियों एवं उपस्थित जनों को पावन टोली एवं ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया।

अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में दो-दिवसीय आध्यात्मिक सत्र के मुख्य दृश्यों का समग्र फोटो कोलाज।
Inner Harmony Achieved Through Soul Consciousness and Rajyoga: Brahma Kumaris DLF Phase-2
GURUGRAM, September 21: Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya successfully hosted a two-day spiritual empowerment series titled ‘From Inner Chaos to Inner Power’ at Anubhuti Bhawan, DLF Phase-2, Gurugram.
Captain Shiv Singh, former Indian Navy officer and currently Additional Director at DRDO Headquarters, Delhi, graced the event as the Chief Guest. Centre Incharge BK Kusum and BK Ratnakar warmly welcomed the speaker and guests with fresh floral bouquets.
On the first day, international speaker Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji from Mount Abu addressed the theme ‘Change Mind, Change Life’, citing the historical anecdote of Alexander to emphasize that true wealth lies in pure karma and spiritual resilience. On the second day, Rajyogi BK Ratnakar elaborated on spiritual energy restoration by pausing for two minutes daily and connecting with the Supreme Power. The retreat concluded with deep guided Rajyoga meditation under divine red light and prasad distribution.

अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में आयोजित दो-दिवसीय आध्यात्मिक सत्र ‘मन की उलझनों से आत्मिक शक्ति तक’ की 6 प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित कवरेज का समग्र फोटो कोलाज।
ब्रह्माकुमारी संस्थान के आधिकारिक समाचार माध्यमों पर प्रकाशित विस्तृत रिपोर्ट नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ें:
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Madhuban News:
मधुबन न्यूज: अनुभूति भवन डीएलएफ फेज-2 गुरुग्राम में दो-दिवसीय विशेष सत्र — मन की उलझनों से आत्मिक शक्ति तक
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Peace News:
पीस न्यूज: Two-Day Spiritual Series at Brahma Kumaris Anubhuti Bhawan DLF Phase 2 Gurugram
संपूर्ण कार्यक्रम वीडियो (Full Program Video)
अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में आयोजित दो-दिवसीय आध्यात्मिक सत्र — प्रथम दिवस
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में आयोजित विशेष प्रेरणा सत्र “मन की उलझनों से आत्मिक शक्ति तक” (Inner Chaos to Inner Power – Day 01) का संपूर्ण वीडियो नीचे देखें, जिसमें अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने मन को शांत, स्थिर और शक्तिशाली बनाने के व्यावहारिक सूत्र साझा किए हैं:
Gurugram Centre Activities
Peace Power Happiness Session at Brahma Kumaris DLF Phase 5 Gurugram
ईर्ष्या और तुलना को त्यागकर ही जीवन में संभव है सच्ची शांति, शक्ति और प्रसन्नता: प्रो. ओंकार चंद
डीएलएफ फेज-5 (सेक्टर- 53, गुरुग्राम) में ‘हर परिस्थिति में शांति, शक्ति और खुशी’ पर विशेष सत्र संपन्न; बीके रेनू व बीके रितु ने किया पुष्प अभिनंदन, डीआरडीओ के अपर निदेशक कैप्टन शिव सिंह रहे उपस्थित
गुरुग्राम, 21 सितंबर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा शहरभर में संचालित आध्यात्मिक प्रेरणा अभियान के अंतर्गत रविवार को डीएलएफ फेज-5 (एक्सक्लूसिव फ्लोर, डी-14/10, लांसर स्कूल के पास, सेक्टर- 53, गुरुग्राम) स्थित राजयोग ध्यान केंद्र पर “पीस, पावर, हैप्पीनेस इन एवरी सिचुएशन” (हर परिस्थिति में शांति, शक्ति और खुशी) विषय पर एक विशेष सत्र का सफल आयोजन संपन्न हुआ. इस अवसर पर क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, वरिष्ठ अधिकारियों, स्थानीय परिवारों और साधकों ने भाग लिया. इससे पूर्व सेक्टर-55 सेवाकेंद्र पर खुशहाल और शांत जीवन के लिए ध्यान पर विशेष सत्र आयोजित किया गया था, जिसकी अगली कड़ी के रूप में यह सत्र आयोजित हुआ |
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माउंट आबू (राजस्थान) से पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रेरक वक्ता एवं ‘द वर्ल्ड रिन्यूअल’ पत्रिका के संपादक राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी रहे. कार्यक्रम के शुभारंभ पर सेवाकेंद्र की बीके रेनू बहन एवं बीके रितु बहन ने मुख्य वक्ता प्रोफेसर ओंकार चंद जी तथा विशिष्ट अतिथि कैप्टन शिव सिंह जी का ताजे सुगंधित पुष्पों का गुच्छा सादर भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया | इस अवसर पर भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी एवं वर्तमान में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) मुख्यालय नई दिल्ली में अपर निदेशक पद पर कार्यरत कैप्टन शिव सिंह जी विशेष रूप से उपस्थित रहे |
सभागार को संबोधित करते हुए प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने मानवीय स्वभाव की वर्तमान विडंबना पर प्रकाश डाला | उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य दूसरों की प्रगति और सुख-सुविधाओं को देखकर प्रसन्न होने के बजाय ईर्ष्या, व्यर्थ चिंतन और तुलना की आग में जलने लगता है | एक रोचक सामाजिक दृष्टांत साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जब पड़ोसी बड़ी कार लेकर आता है, तो लोग भोजन का आनंद छोड़कर इसी बात पर विमर्श करने लगते हैं कि वह कार कहां से लाया | इसके विपरीत, जब किसी को संकट या कानूनी उलझन में देखते हैं, तब झूठी तसल्ली पाते हैं | यह संकीर्ण मानसिकता अंतर्मन की सारी शांति और खुशी को समाप्त कर देती है |
प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने प्राचीन ग्राम्य संस्कृति का स्मरण कराते हुए कहा कि पहले लोग दूसरों की उन्नति को भी अपनी ही खुशी मानते थे | यदि गांव का कोई भी बच्चा डॉक्टर बनता था, तो सभी गर्व और हर्ष का अनुभव करते थे | उन्होंने उपस्थित साधकों को प्रेरित किया कि जब हम दूसरों की सफलता में निस्वार्थ भाव से खुश होना शुरू करते हैं, तभी हमारे जीवन में सच्ची आंतरिक शांति, आत्मिक शक्ति और ईश्वरीय आनंद का स्थायी संचार होता है |
सत्र के समापन पर प्रोफेसर ओंकार चंद जी के पावन सानिध्य में सभी उपस्थित साधकों ने सामूहिक राजयोग ध्यान का गहन अभ्यास किया | ध्यान के प्रकंपनों से संपूर्ण सभागार दिव्य शांति से भर उठा | अंत में सभी उपस्थित जनों को आत्म-संतुष्टता के पावन संकल्प के साथ ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया |
Overcome Comparison and Envy to Experience True Peace and Power: Prof. Onkar Chand Ji
GURUGRAM, September 21: Under the ongoing spiritual enlightenment drive across Gurugram, Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya organized a special spiritual talk titled ‘Peace, Power, Happiness in Every Situation’ at DLF Phase-5 (Sector- 53), Gurugram.
Keynote speaker Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji, Editor of The World Renewal magazine from Mount Abu, was warmly welcomed with floral bouquets presented jointly by BK Renu and BK Ritu. Distinguished guest Captain Shiv Singh, former Indian Navy officer and currently Additional Director at DRDO Headquarters, Delhi, was also felicitated.
Addressing the gathering, Prof. Onkar Chand Ji stated that chronic comparison and jealousy rob individuals of mental peace . He cited practical everyday examples, noting how true joy lies in celebrating others’ accomplishments rather than being consumed by envy . He emphasized that Rajyoga meditation empowers the mind to remain stable, benevolent, and happy across all external circumstances. The program concluded with collective silent meditation and prasad distribution.
संस्थान के प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पोर्टल्स पर कवरेज
ब्रह्माकुमारी संस्थान के आधिकारिक समाचार माध्यमों पर प्रकाशित विस्तृत रिपोर्ट नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ें:
- Madhuban News:
मधुबन न्यूज: डीएलएफ फेज-5 गुरुग्राम में प्रो. ओंकार चंद का प्रेरक व्याख्यान — Peace, Power & Happiness - Peace News:
पीस न्यूज: Peace, Power, Happiness in Every Situation at Brahma Kumaris DLF Phase 5 Gurugram
गुरुग्राम आध्यात्मिक यात्रा: संपूर्ण कार्यक्रम वीडियो प्लेलिस्ट
13 से 20 सितंबर के दौरान गुरुग्राम के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित प्रवचनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समाचार बुलेटिनों को एक साथ देखने के लिए नीचे दी गई यूट्यूब प्लेलिस्ट देखें:
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यूट्यूब प्लेलिस्ट लिंक: ब्रह्माकुमारीज गुरुग्राम प्रो. ओंकार चंद जी विशेष सत्र प्लेलिस्ट
Gurugram Centre Activities
Meditation for a Happy Life at Brahma Kumaris Sector 55 Gurugram
ध्यान से जीवन में आती है सच्ची शांति और खुशहाली: प्रो. ओंकार चंद जी
सेक्टर-55 (गुरुग्राम) में ‘Meditation for a Happy & Peaceful Life’ पर विशेष कार्यक्रम संपन्न; बीके रितु ने पौधा भेंट कर किया स्वागत, बालिका गुनगुन ने दी मनमोहक नृत्य प्रस्तुति
गुरुग्राम, हरियाणा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित आध्यात्मिक प्रेरणा श्रृंखला के अंतर्गत सेक्टर-55 (ए1/429, वीटा डेयरी के पास, होली चर्च के सामने, गुरुग्राम) स्थित राजयोग ध्यान केंद्र पर “Meditation for a Happy & Peaceful Life” (खुशहाल एवं शांत जीवन के लिए ध्यान) विषय पर एक दिव्य आध्यात्मिक सभा का गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस आध्यात्मिक मिलन में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, साधकों एवं मातृशक्ति ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इससे पूर्व आर्डी सिटी सेक्टर-52 में ध्यान को जीवनशैली बनाने पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसकी निरंतरता की कड़ी के रूप में सेक्टर-55 में यह प्रेरणा-सत्र अत्यंत उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में माउंट आबू (राजस्थान) से पधारे अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता एवं ‘द वर्ल्ड रिन्यूअल’ (The World Renewal) पत्रिका के संपादक राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी उपस्थित रहे। सत्र के शुभारंभ में केंद्र प्रभारी बीके रितु बहन ने मुख्य वक्ता प्रो. ओंकार चंद जी को एक सुंदर, हरा-भरा प्राणवायु प्रदाता पौधा सादर भेंट कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया। इसके पश्चात नन्हीं बालिका गुनगुन ने “खातिर हमारे दूर से चल के जो आप आए…” मधुर स्वागत गीत पर भावपूर्ण एवं आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित सभी श्रोताओं का मन मोह लिया।
सभागार को संबोधित करते हुए प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने कहा कि ध्यान कोई कठिन तपस्या नहीं, बल्कि मन को सकारात्मक एवं श्रेष्ठ संकल्पों से अलंकृत करने की सहज प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब हम सर्वशक्तिमान ईश्वर के साथ सच्चा आत्मीय नेह जोड़ते हैं और नित्य उनके सान्निध्य में बैठते हैं, तब हमारी आंतरिक आत्मिक शक्तियां और स्वाभाविक प्रसन्नता के स्रोत जागृत हो उठते हैं। ईश्वर के प्रति प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने से अंतर्मन में एक असीम ऊर्जा, संतुलन और नव-उल्लास का संचार होता है।
सत्र के दौरान बीके रितु बहन एवं उपस्थित सभी ने मुख्य वक्ता के साथ दिव्य आध्यात्मिक गीतों पर ढोलक की थाप और करतल ध्वनि के बीच उल्लासपूर्ण आध्यात्मिक नर्तन किया। संपूर्ण सभागार “बाबा मिल गया रे…” के आनंद-सागर में झूम उठा और सभी ने अतींद्रिय सुख एवं अलौकिक शांति की प्रत्यक्ष अनुभूति की। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी उपस्थित साधकों ने सामूहिक राजयोग ध्यान का गहन अभ्यास कर परम-शांति का अनुभव किया। इसके उपरांत आगामी सद्भावना एवं तनाव-मुक्ति सत्र की रूपरेखा प्रस्तुत की गई तथा सभी श्रद्धालुओं को पावन ईश्वरीय प्रसाद एवं टोली वितरित कर कार्यक्रम का मंगलमय समापन किया गया। इस आध्यात्मिक उत्सव के पावन अवसर पर गजानंद शास्त्री भाई जी, संजय भाई जी, महेश भाई जी, प्रेम बहन जी, संतोष बहन जी एवं रीता बहन जी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य साधक एवं श्रद्धालु मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
Meditation is the Key to Everlasting Happiness and Peace: Prof. Onkar Chand Ji
GURUGRAM, September 20: Under the citywide spiritual awareness series, Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya organized a special discourse on ‘Meditation for a Happy & Peaceful Life’ at Sector-55 (Opposite Holy Church, Near Vita Dairy), Gurugram.
Keynote speaker Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji, Editor of The World Renewal magazine from Mount Abu, was warmly greeted with a green sapling presented by BK Reetu Sister. The program commenced with a delightful welcome dance performed by young Gugun. Esteemed personalities including Gajanand Shastri Bhai Ji, Sanjay Bhai Ji, Mahesh Bhai Ji, Prem Bahan Ji, Santosh Bahan Ji, and Rita Bahan Ji graced the gathering.
Addressing the audience, Prof. Onkar Chand Ji highlighted the practical nuances of Rajyoga meditation, explaining that an intimate spiritual connection with God releases inner joy and reduces stress. An energetic devotional celebration ensued, where BK Reetu and seekers joined in spiritual dance and clapping. The program concluded with collective Rajyoga meditation and prasad distribution.
संस्थान के मुख्य राष्ट्रीय न्यूज़ पोर्टल्स पर प्रकाशित विस्तृत रिपोर्ट्स नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ें:
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Madhuban News: Madhuban News: Sector-55 Gurugram Me Prof. Onkar Chand Ji Ka Prerak Pravachan — Meditation for a Happy Life
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Peace News: Peace News: Meditation for a Happy & Peaceful Life at Brahma Kumaris Sector 55 Gurugram
गुरुग्राम आध्यात्मिक यात्रा: संपूर्ण कार्यक्रम वीडियो प्लेलिस्ट
13 से 20 सितंबर के दौरान गुरुग्राम के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित प्रवचनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समाचार बुलेटिनों को एक साथ देखने के लिए नीचे दी गई यूट्यूब प्लेलिस्ट देखें:
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यूट्यूब प्लेलिस्ट लिंक: ब्रह्माकुमारीज गुरुग्राम प्रो. ओंकार चंद जी विशेष सत्र प्लेलिस्ट
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