Lifestyle & Well-being
DLF1 G-3/11: सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्मिक शांति ही खुशहाल जीवन का सच्चा आधार: प्रो. ओंकार चंद
डीएलएफ फेज-1 में ‘आर्ट ऑफ हैप्पी लाइफ’ सत्र संपन्न; केंद्र प्रभारी बीके गौरी बहन ने पौधा व बीके नीरू बहन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया स्वागत, क्षेत्रवासियों ने सीखी जीवन को आनंदमय बनाने की सरल विधि
गुरुग्राम, 16 सितंबर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा शहरभर में आयोजित की जा रही आध्यात्मिक प्रेरणा श्रृंखला के अंतर्गत 15 सितंबर की शाम डीएलएफ फेज-1 में एक विशेष सत्र का सफल आयोजन संपन्न हुआ। गणेश चतुर्थी पर आयोजित विघ्न विनाशक सत्र के बाद सिल्वर ओक्स अपार्टमेंट के समीप आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘आर्ट ऑफ हैप्पी लाइफ’ (खुश रहने की कला) रहा। इस सत्र में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक प्रतिनिधियों और परिवारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य आधुनिक जीवनशैली की आपाधापी, मानसिक उलझनों और नकारात्मक विचारों से मुक्त होकर दैनिक जीवन में स्थायी प्रसन्नता और मानसिक शांति का अनुभव कराना रहा।
सत्र के शुभारंभ पर केंद्र प्रभारी बीके गौरी बहन ने मुख्य वक्ता, माउंट आबू (राजस्थान) से पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रेरक वक्ता एवं ‘द वर्ल्ड रिन्यूअल’ पत्रिका के संपादक राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी को स्मृति स्वरूप एक सुंदर पौधा भेंट कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया। इसके पश्चात बीके नीरू बहन ने प्रोफेसर ओंकार चंद जी को फूलों का सुंदर गुलदस्ता भेंट कर उनका भावभीना स्वागत किया।
सभागार को संबोधित करते हुए प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने कहा कि प्रसन्नता बाहर की वस्तुओं, पद या भौतिक साधनों में नहीं, बल्कि हमारे अपने मन की सकारात्मक स्थिति में निहित है। मनुष्य सारा जीवन परिस्थितियों और दूसरों के व्यवहार को बदलने के प्रयास में व्यतीत कर देता है, जबकि वास्तविक परिवर्तन अपनी सोच और दृष्टिकोण को बदलने से ही संभव है। जब व्यक्ति अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानकर राजयोग साधना के माध्यम से परमात्मा से जुड़ता है, तो मन की व्यर्थ चिंताएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं और कठिन से कठिन परिस्थिति में भी आंतरिक शांति और प्रसन्नता बनी रहती है। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबंधों में मधुरता लाने और हर दिन को उत्साह के साथ जीने के व्यावहारिक सूत्र समझाए।
इस अवसर पर डीएलएफ फेज-1 के एच-ब्लॉक अध्यक्ष राहुल चंदोला विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा समाज में मानसिक शांति और सद्भावना के प्रचार-प्रसार के लिए चलाए जा रहे इन प्रयासों की सराहना की। सत्र के समापन पर प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने सभी उपस्थित जनसमूह को सामूहिक राजयोग ध्यान का गहन अभ्यास कराया, जिससे संपूर्ण वातावरण असीम शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा। अंत में सभी उपस्थित भाई-बहनों को ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया।
Inner Peace and Positive Attitude Are the True Foundation of a Joyful Life: Prof. Onkar Chand Ji
GURUGRAM, September 16: Under the ongoing spiritual series across Gurugram, Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya organized a special discourse on ‘The Art of Happy Living’ on September 15 near Silver Oaks Apartments, DLF Phase-1. A substantial gathering of local residents and families attended to learn practical ways to lead a contented and stress-free life.
The session commenced with Centre Incharge BK Gauri Sister presenting a sapling to keynote speaker Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji, international motivational speaker and Editor of The World Renewal magazine from Mount Abu. BK Neeru Sister welcomed him with a flower bouquet.
In his address, Prof. Onkar Chand Ji explained that happiness does not depend on external possessions or circumstances, but arises from a peaceful, disciplined mind. He shared spiritual insights on mastering thoughts and connecting with the Divine through Rajyoga meditation. Rahul Chandola, President of H-Block, DLF Phase-1, was present as a special guest. The program concluded with collective guided meditation and the distribution of blessed prasad.
- Madhuban News:
मधुबन न्यूज: डीएलएफ फेज-1 गुरुग्राम में ‘आर्ट ऑफ हैप्पी लाइफ’ सत्र में प्रो. ओंकार चंद का विशेष व्याख्यान - Peace News:
पीस न्यूज: डीएलएफ फेज-1 गुरुग्राम में ‘आर्ट ऑफ हैप्पी लाइफ’ सत्र में प्रो. ओंकार चंद का विशेष व्याख्यान
गुरुग्राम आध्यात्मिक यात्रा: संपूर्ण कार्यक्रम वीडियो प्लेलिस्ट
13 से 20 सितंबर के दौरान गुरुग्राम के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित प्रवचनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समाचार बुलेटिनों को एक साथ देखने के लिए नीचे दी गई यूट्यूब प्लेलिस्ट देखें:
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यूट्यूब प्लेलिस्ट लिंक: ब्रह्माकुमारीज गुरुग्राम प्रो. ओंकार चंद जी विशेष सत्र प्लेलिस्ट
Gurugram Centre Activities
Two-Day Spiritual Series at Brahma Kumaris DLF Phase 2 Gurugram
आत्मिक शक्ति और राजयोग से ही संभव है मन का संतुलन: ब्रह्माकुमारीज़
अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में दो-दिवसीय आध्यात्मिक सत्र संपन्न; डीआरडीओ के अपर निदेशक कैप्टन शिव सिंह रहे मुख्य अतिथि, बीके कुसुम व बीके रत्नाकर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया स्वागत
गुरुग्राम, 21 सितंबर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के डीएलएफ फेज-2 स्थित अनुभूति भवन राजयोग ध्यान केंद्र पर दो-दिवसीय विशेष आध्यात्मिक प्रेरणा श्रृंखला “मन की उलझनों से आत्मिक शक्ति तक” (From Inner Chaos to Inner Power) गरिमामय ढंग से संपन्न हुई। इस दो-दिवसीय शिविर में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, वरिष्ठ साधकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर आत्मिक शांति और मनोबल का अनुभव किया। इससे पूर्व डीएलएफ फेज-5 सेक्टर-53 सेवाकेंद्र पर हर परिस्थिति में शांति और खुशी पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया था, जिसकी निरंतरता में अनुभूति भवन में यह दो-दिवसीय सत्र आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के शुभ अवसर पर भारतीय नौसेना में अपनी शानदार सेवाएं दे चुके तथा वर्तमान में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) मुख्यालय, दिल्ली में अपर निदेशक (Additional Director) के पद पर कार्यरत कैप्टन शिव सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्र प्रभारी बीके कुसुम एवं बीके रत्नाकर ने मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि कैप्टन शिव सिंह को मनमोहक पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया।
पहले दिन के मुख्य सत्र में माउंट आबू से पधारे अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने “मन बदले तो जीवन बदले” विषय पर सभागार को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि जब तक मन में सकारात्मक विचारों का संचार नहीं होता, तब तक जीवन की उलझनें समाप्त नहीं हो सकतीं। उन्होंने सिकंदर का ऐतिहासिक दृष्टांत देते हुए समझाया कि संसार की सभी भौतिक संपदाएं यहीं छूट जाती हैं, केवल हमारे श्रेष्ठ कर्म और आत्मिक शक्ति ही साथ जाते हैं। प्रो. ओंकार चंद जी ने सभी उपस्थित साधकों से हाथों की विशेष आसन प्रणाली और तालियों के माध्यम से एक रोचक गतिविधि कराई, जिसमें सभी ने आनंद और नई ऊर्जा का संचार महसूस किया।
दूसरे दिन के सत्र में राजयोगी बीके रत्नाकर जी ने “परमात्मा से संबंध से शक्ति, सुख और श्रेष्ठ जीवन” विषय पर विस्तृत मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान भागदौड़ भरी दिनचर्या में सुबह के समय व्यर्थ भाग-दौड़ और चिंताओं के कारण हमारे मन की आत्मिक ऊर्जा क्षीण हो जाती है। उन्होंने आह्वान किया कि यदि व्यक्ति दिन में दो-दो मिनट के लिए मन को शांत करे और नियमित रूप से केंद्र पर आकर ध्यान का अभ्यास करे, तो मात्र एक माह के भीतर उसके जीवन में आश्चर्यजनक सकारात्मक बदलाव आ सकता है। बीके रत्नाकर जी ने आगे स्पष्ट किया कि शरीर पांच तत्वों से बना विनाशी है, जबकि भृकुटि के मध्य में विराजमान आत्मा अनंत शक्तियों से युक्त एक चेतन ज्योति है। जब यह आत्मा परमात्मा शिव बाबा रूपी परम शक्ति से अपना तार जोड़ती है, तब परमपिता से शांति, प्रेम और शक्तियों का स्वतः प्रवाह आत्मा में होने लगता है।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में लाल प्रकाश की दिव्य आभा के बीच बीके रत्नाकर जी ने सभी को आत्मिक स्थिति में स्थित होकर परम-शांति और ईश्वरीय शक्तियों की अनुभूति का गहरा राजयोग अभ्यास कराया। समापन पर सभी गणमान्य अतिथियों एवं उपस्थित जनों को पावन टोली एवं ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया।

अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में दो-दिवसीय आध्यात्मिक सत्र के मुख्य दृश्यों का समग्र फोटो कोलाज।
Inner Harmony Achieved Through Soul Consciousness and Rajyoga: Brahma Kumaris DLF Phase-2
GURUGRAM, September 21: Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya successfully hosted a two-day spiritual empowerment series titled ‘From Inner Chaos to Inner Power’ at Anubhuti Bhawan, DLF Phase-2, Gurugram.
Captain Shiv Singh, former Indian Navy officer and currently Additional Director at DRDO Headquarters, Delhi, graced the event as the Chief Guest. Centre Incharge BK Kusum and BK Ratnakar warmly welcomed the speaker and guests with fresh floral bouquets.
On the first day, international speaker Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji from Mount Abu addressed the theme ‘Change Mind, Change Life’, citing the historical anecdote of Alexander to emphasize that true wealth lies in pure karma and spiritual resilience. On the second day, Rajyogi BK Ratnakar elaborated on spiritual energy restoration by pausing for two minutes daily and connecting with the Supreme Power. The retreat concluded with deep guided Rajyoga meditation under divine red light and prasad distribution.

अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में आयोजित दो-दिवसीय आध्यात्मिक सत्र ‘मन की उलझनों से आत्मिक शक्ति तक’ की 6 प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित कवरेज का समग्र फोटो कोलाज।
ब्रह्माकुमारी संस्थान के आधिकारिक समाचार माध्यमों पर प्रकाशित विस्तृत रिपोर्ट नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ें:
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Madhuban News:
मधुबन न्यूज: अनुभूति भवन डीएलएफ फेज-2 गुरुग्राम में दो-दिवसीय विशेष सत्र — मन की उलझनों से आत्मिक शक्ति तक
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Peace News:
पीस न्यूज: Two-Day Spiritual Series at Brahma Kumaris Anubhuti Bhawan DLF Phase 2 Gurugram
संपूर्ण कार्यक्रम वीडियो (Full Program Video)
अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में आयोजित दो-दिवसीय आध्यात्मिक सत्र — प्रथम दिवस
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अनुभूति भवन (डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम) में आयोजित विशेष प्रेरणा सत्र “मन की उलझनों से आत्मिक शक्ति तक” (Inner Chaos to Inner Power – Day 01) का संपूर्ण वीडियो नीचे देखें, जिसमें अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने मन को शांत, स्थिर और शक्तिशाली बनाने के व्यावहारिक सूत्र साझा किए हैं:
Gurugram Centre Activities
Peace Power Happiness Session at Brahma Kumaris DLF Phase 5 Gurugram
ईर्ष्या और तुलना को त्यागकर ही जीवन में संभव है सच्ची शांति, शक्ति और प्रसन्नता: प्रो. ओंकार चंद
डीएलएफ फेज-5 (सेक्टर- 53, गुरुग्राम) में ‘हर परिस्थिति में शांति, शक्ति और खुशी’ पर विशेष सत्र संपन्न; बीके रेनू व बीके रितु ने किया पुष्प अभिनंदन, डीआरडीओ के अपर निदेशक कैप्टन शिव सिंह रहे उपस्थित
गुरुग्राम, 21 सितंबर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा शहरभर में संचालित आध्यात्मिक प्रेरणा अभियान के अंतर्गत रविवार को डीएलएफ फेज-5 (एक्सक्लूसिव फ्लोर, डी-14/10, लांसर स्कूल के पास, सेक्टर- 53, गुरुग्राम) स्थित राजयोग ध्यान केंद्र पर “पीस, पावर, हैप्पीनेस इन एवरी सिचुएशन” (हर परिस्थिति में शांति, शक्ति और खुशी) विषय पर एक विशेष सत्र का सफल आयोजन संपन्न हुआ. इस अवसर पर क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, वरिष्ठ अधिकारियों, स्थानीय परिवारों और साधकों ने भाग लिया. इससे पूर्व सेक्टर-55 सेवाकेंद्र पर खुशहाल और शांत जीवन के लिए ध्यान पर विशेष सत्र आयोजित किया गया था, जिसकी अगली कड़ी के रूप में यह सत्र आयोजित हुआ |
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माउंट आबू (राजस्थान) से पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रेरक वक्ता एवं ‘द वर्ल्ड रिन्यूअल’ पत्रिका के संपादक राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी रहे. कार्यक्रम के शुभारंभ पर सेवाकेंद्र की बीके रेनू बहन एवं बीके रितु बहन ने मुख्य वक्ता प्रोफेसर ओंकार चंद जी तथा विशिष्ट अतिथि कैप्टन शिव सिंह जी का ताजे सुगंधित पुष्पों का गुच्छा सादर भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया | इस अवसर पर भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी एवं वर्तमान में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) मुख्यालय नई दिल्ली में अपर निदेशक पद पर कार्यरत कैप्टन शिव सिंह जी विशेष रूप से उपस्थित रहे |
सभागार को संबोधित करते हुए प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने मानवीय स्वभाव की वर्तमान विडंबना पर प्रकाश डाला | उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य दूसरों की प्रगति और सुख-सुविधाओं को देखकर प्रसन्न होने के बजाय ईर्ष्या, व्यर्थ चिंतन और तुलना की आग में जलने लगता है | एक रोचक सामाजिक दृष्टांत साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जब पड़ोसी बड़ी कार लेकर आता है, तो लोग भोजन का आनंद छोड़कर इसी बात पर विमर्श करने लगते हैं कि वह कार कहां से लाया | इसके विपरीत, जब किसी को संकट या कानूनी उलझन में देखते हैं, तब झूठी तसल्ली पाते हैं | यह संकीर्ण मानसिकता अंतर्मन की सारी शांति और खुशी को समाप्त कर देती है |
प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने प्राचीन ग्राम्य संस्कृति का स्मरण कराते हुए कहा कि पहले लोग दूसरों की उन्नति को भी अपनी ही खुशी मानते थे | यदि गांव का कोई भी बच्चा डॉक्टर बनता था, तो सभी गर्व और हर्ष का अनुभव करते थे | उन्होंने उपस्थित साधकों को प्रेरित किया कि जब हम दूसरों की सफलता में निस्वार्थ भाव से खुश होना शुरू करते हैं, तभी हमारे जीवन में सच्ची आंतरिक शांति, आत्मिक शक्ति और ईश्वरीय आनंद का स्थायी संचार होता है |
सत्र के समापन पर प्रोफेसर ओंकार चंद जी के पावन सानिध्य में सभी उपस्थित साधकों ने सामूहिक राजयोग ध्यान का गहन अभ्यास किया | ध्यान के प्रकंपनों से संपूर्ण सभागार दिव्य शांति से भर उठा | अंत में सभी उपस्थित जनों को आत्म-संतुष्टता के पावन संकल्प के साथ ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया |
Overcome Comparison and Envy to Experience True Peace and Power: Prof. Onkar Chand Ji
GURUGRAM, September 21: Under the ongoing spiritual enlightenment drive across Gurugram, Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya organized a special spiritual talk titled ‘Peace, Power, Happiness in Every Situation’ at DLF Phase-5 (Sector- 53), Gurugram.
Keynote speaker Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji, Editor of The World Renewal magazine from Mount Abu, was warmly welcomed with floral bouquets presented jointly by BK Renu and BK Ritu. Distinguished guest Captain Shiv Singh, former Indian Navy officer and currently Additional Director at DRDO Headquarters, Delhi, was also felicitated.
Addressing the gathering, Prof. Onkar Chand Ji stated that chronic comparison and jealousy rob individuals of mental peace . He cited practical everyday examples, noting how true joy lies in celebrating others’ accomplishments rather than being consumed by envy . He emphasized that Rajyoga meditation empowers the mind to remain stable, benevolent, and happy across all external circumstances. The program concluded with collective silent meditation and prasad distribution.
संस्थान के प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पोर्टल्स पर कवरेज
ब्रह्माकुमारी संस्थान के आधिकारिक समाचार माध्यमों पर प्रकाशित विस्तृत रिपोर्ट नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ें:
- Madhuban News:
मधुबन न्यूज: डीएलएफ फेज-5 गुरुग्राम में प्रो. ओंकार चंद का प्रेरक व्याख्यान — Peace, Power & Happiness - Peace News:
पीस न्यूज: Peace, Power, Happiness in Every Situation at Brahma Kumaris DLF Phase 5 Gurugram
गुरुग्राम आध्यात्मिक यात्रा: संपूर्ण कार्यक्रम वीडियो प्लेलिस्ट
13 से 20 सितंबर के दौरान गुरुग्राम के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित प्रवचनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समाचार बुलेटिनों को एक साथ देखने के लिए नीचे दी गई यूट्यूब प्लेलिस्ट देखें:
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यूट्यूब प्लेलिस्ट लिंक: ब्रह्माकुमारीज गुरुग्राम प्रो. ओंकार चंद जी विशेष सत्र प्लेलिस्ट
Gurugram Centre Activities
Busy Life Peaceful Mind Session at Brahma Kumaris Sector 51 Gurugram
मेफील्ड गार्डन (सेक्टर-51, गुरुग्राम) में ‘व्यस्त जीवन, शांत मन’ विषय पर विशेष व्याख्यान संपन्न; प्रशासनिक व सामाजिक प्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
व्यस्त दिनचर्या में भी मन को शांत रखना संभव, आत्म-संवाद और राजयोग ही सच्ची शक्ति: प्रो. ओंकार चंद
गुरुग्राम, 20 सितंबर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा संचालित आध्यात्मिक प्रेरणा श्रृंखला के अंतर्गत शनिवार की शाम मेफील्ड गार्डन (सेक्टर-51, गुरुग्राम) स्थित राजयोग ध्यान केंद्र पर “व्यस्त जीवन, शांत मन” (Busy Life, Peaceful Mind) विषय पर एक अत्यंत प्रेरणादायी सत्र का सफल आयोजन संपन्न हुआ। इस सत्र में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय परिवारों ने भाग लिया। इससे पूर्व आर्डी सिटी (सेक्टर-52, गुरुग्राम) में ‘ध्यान को बनाएं जीवनशैली पर विशेष सत्र आयोजित किया गया था, जिसकी निरंतरता में मेफील्ड गार्डन केंद्र पर यह आयोजन हुआ।
सत्र के मुख्य वक्ता माउंट आबू (राजस्थान) से पधारे अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता एवं पत्रिका के संपादक राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद जी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ कुमारी दिव्या द्वारा प्रस्तुत सुमधुर आध्यात्मिक स्वागत गीत से हुआ। इसके उपरांत केंद्र प्रभारी बीके अंजलि बहन ने मुख्य वक्ता प्रोफेसर ओंकार चंद जी और मंचासीन विशिष्ट अतिथियों का हरित पौधा भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया।
इस अवसर पर भारत सरकार के पूर्व सहायक आयुक्त एवं भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण चंद्र वशिष्ठ, भाजपा नेत्री व समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता अलका दलाल तथा भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी एवं वर्तमान में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) मुख्यालय नई दिल्ली में अपर निदेशक पद पर सेवारत कैप्टन शिव सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मेफील्ड गार्डन (सेक्टर-51) स्थित केंद्र में आयोजित ‘व्यस्त जीवन, शांत मन’ सत्र के मुख्य दृश्यों का फोटो कोलाज।
सभागार को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रोफेसर ओंकार चंद जी ने कहा कि आधुनिक जीवन में व्यस्तता स्वयं कोई समस्या नहीं है, बल्कि अनियंत्रित विचार और व्यर्थ की चिंताएं ही तनाव का मूल कारण हैं। मन की शांति किसी बाहरी स्थिति या वातावरण की मोहताज नहीं होती, बल्कि यह हमारे अपने दृष्टिकोण और सकारात्मक सोच पर निर्भर करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार एक कुशल चालक भीड़भाड़ और यातायात के दबाव के बीच भी वाहन का संतुलन बनाए रखता है, ठीक उसी प्रकार राजयोग ध्यान के नियमित अभ्यास से व्यक्ति अति-व्यस्त दिनचर्या के बीच भी अपने अंतर्मन को पूर्णतः शांत और स्थिर रख सकता है।
कार्यक्रम के दौरान कुमारी दामिनी ने एक अत्यंत ऊर्जावान प्रेरक गीत प्रस्तुत किया और विचार-प्रबंधन पर आधारित एक व्यावहारिक गतिविधि कराई, जिसमें उपस्थित सभी साधकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इस गतिविधि के माध्यम से सभी ने नकारात्मक विचारों को त्यागने और हर हाल में मुस्कराते रहने का संकल्प लिया।
सत्र के समापन पर प्रोफेसर ओंकार चंद जी के सानिध्य में सभी उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक राजयोग ध्यान का गहन अभ्यास किया, जिससे संपूर्ण वातावरण असीम शांति और दिव्यता से भर उठा। अंत में सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को आत्म-शांति के संकल्प के साथ पावन ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया।
संस्थान के प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पोर्टल्स पर कवरेज
ब्रह्माकुमारी संस्थान के आधिकारिक समाचार माध्यमों पर प्रकाशित विस्तृत रिपोर्ट नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ें:
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मधुबन न्यूज: Busy Life Peaceful Mind Session at Brahma Kumaris Sector 51 Gurugram
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पीस न्यूज: मेफील्ड गार्डन (सेक्टर-51, गुरुग्राम) में ‘व्यस्त जीवन, शांत मन’ विषय पर विशेष व्याख्यान
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संपूर्ण सत्र का वीडियो (Full Video on Youtube link):
व्यस्त जीवन, शांत मन – प्रो. बीके ओंकार चंद भाई जी (पूरा वीडियो देखें)
- Atal Hind: अटल हिन्द: गुरुग्राम में आयोजित हुआ व्यस्त जीवन शांत मन विशेष व्याख्यान प्रोफेसर ओंकार चंद ने दी मानसिक शांति की सीख

Media coverage of the spiritual session “Busy Life, Peaceful Mind” organized by Brahma Kumaris at Mayfield Garden, Sector 51, Gurugram.
Peace of Mind is Achievable Amidst a Busy Routine Through Rajyoga: Prof. Onkar Chand Ji
GURUGRAM, September 20: Under the citywide spiritual enlightenment series, Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya organized a special discourse on ‘Busy Life, Peaceful Mind’ at Mayfield Garden, Sector-51, Gurugram.
Keynote speaker Rajyogi Prof. Onkar Chand Ji, Editor from Mount Abu, was warmly felicitated by Centre Incharge BK Anjali Sister. The session commenced with a soulful welcome song rendered by Sister Divya. Distinguished guests included Praveen Chandra Vashishth (Former Assistant Commissioner, Govt. of India & BJP Executive Member), Alka Dalal (Social Worker, BJP), and Captain Shiv Singh (Former Indian Navy Officer & Additional Director, DRDO HQ, Delhi).
In his address, Prof. Onkar Chand Ji explained that external busyness does not disturb inner peace if thought traffic is consciously managed through Rajyoga meditation. Sister Damini conducted an engaging motivational song and interactive mind-management activity. The program concluded with collective guided meditation and prasad distribution.
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